भारत सरकार ने देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने SARTHAK PDS Scheme को लागु किया है जिसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) को अधिक ट्रांसपेरेंट, आधुनिक और प्रभावी बनाना है। इस योजना से लगभग 81 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि नई तकनीक और डिजिटल सिस्टम की मदद से राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को कम किया जा सकेगा और जरूरतमंद लोगों तक समय पर राशन पहुंचाया जा सकेगा।
SARTHAK PDS Scheme क्या है?
SARTHAK PDS का पूरा नाम Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling with Automation in PDS है। यह एक व्यापक योजना है जो राशन वितरण सिस्टम को तकनीक आधारित बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Food grains के ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज, वितरण और उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) के ऑपरेशन में सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑटोमेशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 25,530 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह योजना मार्च 2031 तक लागू रहेगी।

SARTHAK PDS Scheme के मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण सिस्टम को मजबूत और ट्रांस्पेरेंट बनाना है। इसके लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:-
- राशन वितरण में ट्रांसपोर्टेशन बढ़ाना।
- Food grains की आवाजाही की Online निगरानी करना।
- लाभार्थियों को समय पर राशन अवेलेबल कराना।
- राशन की चोरी और लीकेज को कम करना।
- तकनीक आधारित वितरण अरेंजमेंट एडवांस्ड करना।
- राज्यों को Food grains ट्रांसपोर्टेशन और हैंडलिंग में सहायता देना।
AI और Technology से होगा बड़ा बदलाव
SARTHAK PDS Scheme को तीन महत्वपूर्ण डिजिटल कॉलम पर तैयार किया गया है।
1. Nirmal Platform
“Nirmal” एक AI बेस्ड लाभार्थी रजिस्ट्रेशन सिस्टम होगा। यह विभिन्न सरकारी विभागों के डेटा को जोड़कर डुप्लीकेट रिकॉर्ड की पहचान करने और सही लाभार्थियों तक योजनाओं का फ़ायदा पहुंचाने में मदद करेगा।
2. ASHA Platform
“ASHA” एक AI बेस्ड शिकायत निवारण और नागरिक संवाद सिस्टम होगी। यह WhatsApp और Chatbot के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुनेगी और समाधान प्रदान करेगी। यह सिस्टम प्रतिदिन लाखों सवालों और शिकायतों को संभालने की कैपेसिटी रखेगा।
3. Saksham Platform
“Saksham” Food grains सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें वाहन ट्रैकिंग, QR Code बेस्ड ट्रैकिंग और मांग का अनुमान लगाने जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे Food grains की आवाजाही पर बेहतर कंट्रोल रखा जा सकेगा।
लाभार्थियों को क्या फायदा मिलेगा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन कार्ड धारकों को कई लाभ मिल सकते हैं।
- राशन वितरण प्रोसेस अधिक ट्रांस्पेरेंट होगी।
- Food grains की अवैलाबिलिटी पर बेहतर निगरानी रहेगी।
- गलत लाभार्थियों को मिलने वाले राशन पर रोक लगेगी।
- शिकायतों का समाधान तेजी से होगा।
- डिजिटल ट्रैकिंग के कारण करप्शन और गड़बड़ियां कम होंगी।
- लाभार्थियों को बेहतर सर्विस और समय पर राशन मिल सकेगा।
सरकार की बड़ी तैयारी
सरकार ने इस योजना के लिए अगले पांच सालो तक लगातार फाइनेंसियल सहायता देने का फैसला किया है। इसके तहत Food grains ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज, हैंडलिंग और उचित मूल्य दुकानदारों के मार्जिन को भी सपोर्ट दिया जाएगा।
इसके अलावा पूरे डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे हर स्टेप की निगरानी Online की जा सकेगी। सरकार का टारगेट एक ऐसी राशन अरेंजमेंट तैयार करना है जो नागरिकों के लिए आसान, भरोसेमंद और टेक्नोलॉजी बेस्ड हो।
निष्कर्ष
SARTHAK PDS Scheme 2026 भारत की पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI, डिजिटल मॉनिटरिंग और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी टेक्नोलॉजी के माध्यम से राशन वितरण को अधिक ट्रांस्पेरेंट और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। यदि योजना का सफलतापूर्वक इम्प्लीमेंटेशन होता है, तो करोड़ों राशन कार्ड धारकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत बन सकेगी।